13 फ़रवरी, 2017

लाल गुलाब




दिया गुलाब का लाल फूल
सारी सीमायें भूल
दिल खोल कर रख दिया
मन में क्या था जता दिया
वह चित्र लिखी सी देख रही
हाथ से गुलाब लिया
थोड़ा झिझकी फिर शरमाई
शब्दों का टोटा पड़ गया
वह कुछ कह न पाई
नयनों की भाषा नयनों ने जानी
कहानी बनी बड़ी रूहानी |
आशा