11 फ़रवरी, 2019

बसंत पंचमीं
















 












लेकर आई  वासंती बयार
मौसम परिवर्तन का कर आगाज
धरती ने किया नव श्रृंगार
पीत वसन धारण किये
लहलहाते सरसों के पौधे
संग लिए भीनी सी  खुशबू
सभी जन पीले वस्त्र धारण कर
होने लगे तैयार
 मां सरस्वती के स्वागत को
पूजन अर्चन करने को थाल सजाया
हल्दी कुमकुम चन्दन के संग
पीले पुष्पों से बनाई माला
वीणा वादिनी के  अर्पण को
विध्या की देवी को नमन करने को
 श्वेत वस्त्र धारणी  के चरणों में
  शीश झुका कर प्रणाम करने को  
 विध्या दायनी कमलासनी को |

7 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तर
    1. सुप्रभात |
      धन्यवाद संजय टिप्पणी के लिए |

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  2. वाह !!बहुत सुन्दर सखी
    सादर

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (12-02-2019) को "फीका पड़ा बसन्त" (चर्चा अंक-3245) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  4. मन के बसंत को खिलाती बहुत सुन्दर रचना ! माँ शारदे का वरद हस्त शीश पर बना रहे यही मंगलकामना है !

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