04 दिसंबर, 2016

महिमा कार्य की




न बड़ा न कोई छोटा 

काम तो बस काम है

काम को ऐसे न टालो

जीवन में  इसे उतारलो

है यह प्रमुख

अंग  जीवन का
 

जिसके बिना 

वह रह जाता अधूरा 
 
एक विकलांग प्राणी सा 

मानव जीवन 

कार्य से ही पूर्ण होता
 
व्यस्त सदा बना रहता

कार्य यदि उपयोगी होता

जीवन सफल हो पाता

उससे मिली प्रशंसा से 

वह पूर्णता को प्राप्त होता 

और  सकारथ हो पाता.

आशा
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Asha Lata Saxena