28 फ़रवरी, 2021

राह भटका एक पक्षी



हूँ एक प्रवासी पक्षी  

समूह से बिछुड़ा हुआ

दूर देश से आया  हूँ

पर्यटन के लिए |

बदले मौसम के  कारण

 राह भटका  हूँ

समूह से बिछड़ गया  हूँ

पर अब तक नहीं हारा हूँ |

 नसीहत ली है मैंने जरूर

जब कहीं बाहर जाना हो

 अपने समूह का साथ

कभी न छोड़ना  चाहिए  |

चाहे मन न मिले सब से

सामंजस्य आपस में करना सीखो

नहीं तो राह भटक जाओगे

 जिद्द से परेशानी में उलझ जाओगे |

नया कोई न आएगा

तुम्हे राह दिखाने

यह सभी समझ जाएंगे

क्यूँ तुम सब से  बिछड़े हो |

आशा