16 जून, 2018

हाईकू

१-जल बतासा 
चहरे पर खुशी
 दिखाई देती 

२-बरसात में 
हुआ मौसम ठंडा 
मन प्रसन्न 

३-नभ तरसा 
तरसे सरोबर 
जल के लिए 

४- देखते नभ 
काले भूरे बादल 
वृष्टि आजाओ 

५-आशा निराशा 
दोनो हैं सहोदर 
जीवन गीत 

६-क्या लिख दिया
क्या न लिख दिया है
सोच के देखो

आशा

12 जून, 2018

मोती अनमोल

सागर में सीपी के लिए चित्र परिणाम
सागर की सीपी  में मोती
हैं अनमोल अद्भुद दिखाई देते 
है भण्डार अपार  उनका 
उनसे शब्द मोती से झरते
किये संचित शब्दों के मोती 
चुन चुन मोती माला पिरोई 
उस पर सुगंध भावों की डाली 
वही  माला अपने प्रियवर को 
बड़े जतन से   भेट चढ़ाई 
जब उनहोंने  उसे धारण किया 
भाव भरे शब्दों को पहचाना 
सच्चे मोतियों  को परखा 
उनकी आव का अनुभव किया
उन्हें यथोचित स्थान दे कर  
मनोबल मेरा  बढ़ाया
शब्दों में संचित  भावनाएं 
दौनों के बीच सेतु बन गईं 
अपने अनुभव बांटने  के लिए
शब्दों की धरोहर मिल गई |
आशा

क्यों रूठना

 

छोडो यह बचकानी हरकतें 
कभी तो गंभीरता लाओ चेहरे पर 
जो बार बार करोगे गलतियाँ 
रूठ जाएंगे सभी तुमसे 
चाहे कितनी भी मनुहार करोगे 
मना न पाओगे उनको 
दो चार दिन ही रुसवाइयां 
शोभा देती हैं न खींचो बात को 
न छीनों सब की खुशियाँ |
आशा

सरल सहज सजीले शब्द

  सुलभ सहज सजीले शब्द जब करते अनहद नाद मन चंचल करते जाते अनोखा सुकून दे जाते कर जाते उसे निहाल | प्रीत की रीत निभा दिल से   जीने...