29 मार्च, 2019

नयनों की सुनामी




दो नैनों के 
नीले समुन्दर में 
तैरती दो सुरमई मीन 
दृश्य मनमोहक होता |
पर जब लहरें उमड़तीं 
पाल पर करतीं वार 
अनायास सुनामी सा कहर टूटता 
थमने का नाम नहीं लेता ! 
है ये कैसा मंज़र 
न जाने कब 
नदी का सौम्य रूप 
नद में बदल जाता |
अश्रु पूरित आखों से 
 जल का रिसाव कम न होता  
हृदय विदारक पल होता 
जब गोरे गुलाबी कपोलों पर
अश्रु आते, सूख जाते 
निशान अपने छोड़ जाते  ! 
आशा 

26 मार्च, 2019

क्या होता












 जब शाम ढलने को आती
सब घर पहुँचने की
करते तैयारी
पक्षी अपने  समूंह में
हो कर एकत्र
गंतव्य तक पहुँचाने की
करते तैयारी

 संचित  दाना एकत्र कर
जल्दी से घर पहुँचने की
इच्छा रखते
भूले से कोई यदि राह भटक जाता
क्या होती उसकी हालत
देखी नहीं जाती
बहुत बेचैन हो
वह खोजता अपने साथियों को
जब मिलते
प्रसन्न हो जोर जोर से चहकते
चुस्ती से घर की राह पकड़ते
रहता इन्तजार चूजों को
माता पिता के आने का
जोर से चूंचूं कर अपनों का
स्वागत करते
चाहते जानना
क्या उपहारआया
आज उनके लिए
मां सोचती क्या होता
यदि वह  राह भटक जाती
समय पर घर लौट न पाती |
आशा

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