03 मार्च, 2021

आज रहा क्या रहस्य

                                                       

आज क्या रहा रहस्य

 जानने  को

हर बात की जानकारी

 सहज ही मिल जाती है |

यही जानकारी बना देती  

 छद्म मर्मग्य उसे

एक मुखौटा चहरे पर

और चिपक जाता है |

  असली रूप 

 कहीं दब जाता है

पहचान नहीं हो सकती

है असली की |

असली नकली के सच को

उजागर करना

 होता सरल नहीं

बात छिपी रह जाती है मन में |

जो जैसा है

दिखाई नहीं देता

वास्तविकता का एहसास

आसान नहीं है |

चंद फितरती लोग

लाभ उठा लेते हैं

ऐसे अवसरों का

बन जाते हैं छद्म मर्मग्य |

आशा 


10 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तर
    1. सुप्रभात
      टिप्पणी के लिए धन्यवाद आलोक जी |

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  2. उत्तर
    1. सुप्रभात
      धन्यवाद साधना टिप्पणी के लिए |

      हटाएं
  3. उत्तर
    1. सुप्रभात
      टिप्पणी के लिए धन्यवाद सधु जी |

      हटाएं
  4. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 04.03.2021 को चर्चा मंच पर दिया जाएगा| आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ाएगी
    धन्यवाद

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सुप्रभात
      मेरी पोस्ट की सूचना के लिए आभार सहित धन्यवाद |

      हटाएं

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