07 अक्तूबर, 2018

विपरीत विचारों में होता आकर्षण

नभ में छाई काली घटा
दो बादल आए
आपस में मिले टकराए
गर्जन तर्जन किया
बिजली कड़की
बनी गवाह दौनों के बीच
विपरीत विचारों में
होता आकर्षण
वही हाल हमारा है
कहने को तो मन नहीं मिलते
पर जितनी भी दूरी बनाओगे
हम उतने नजदीक होते जाएंगे
तुम्हारी बेवफाई का सिला
हम दम वफा से देंगे |
आशा