24 अगस्त, 2012

असीम कृपा उसकी



किया कभी ना पूजन अर्चन
ना ही दान धर्म किया
करतल ध्वनि के साथ
ना ही भजन  कीर्तन किया
पोथी भी कोइ न पढ़ी
छप्पन व्यंजन सजा थाल में
भोग भी न लगा पाया |
पर उस पर अटल विश्वास से
कर्म किया निष्काम भाव से
हो दृढ़ संकल्प कदम बढ़ाए
निष्ठा से पूर्ण मनोयोग से
कर्म स्थली को जाना परखा
उस पर ही ध्यानकिया केंद्रित 
असीम कृपा उसकी हुई
बिना मांगे मुराद मिली
तभी तो यह जान पाया
छप्पन भोग से नही कोइ नाता
है  केवल  वह भाव का भूखा
असीम कृपा जब उसकी होगी
कहीं कमीं नहीं होगी | 
आशा 

13 टिप्‍पणियां:

  1. ..धर्म के आवरण पर बाहरी स्वरूप पर जबरजस्त व्यंग्य ईश्वर भाव का भूखा है ,कर्म ही बस पूजा है ,भावना से भी कर्तव्य बड़ा होता है बढ़िया पोस्ट . .....कृपया यहाँ भी पधारें -
    ram ram bhai
    शुक्रवार, 24 अगस्त 2012
    आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता
    "आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता "-डॉ .वागीश मेहता ,डी .लिट .,1218 ,शब्दालोक ,अर्बन एस्टेट ,गुडगाँव -122-001

    जवाब देंहटाएं
  2. तभी तो यह जान पाया
    छप्पन भोग से नही कोइ नाता
    है केवल वह भाव का भूखा
    असीम कृपा जब उसकी होगी
    कहीं कमीं नहीं होगी |
    ......बहुत खूबसूरती के साथ शब्दों को पिरोया है इन पंक्तिया में आपने

    जवाब देंहटाएं
  3. छप्पन भोग से नही कोइ नाता
    है केवल वह भाव का भूखा
    असीम कृपा जब उसकी होगी
    कहीं कमीं नहीं होगी |
    सार्थक ...सुंदर संदेश ....!!
    आभार ...

    जवाब देंहटाएं
  4. केवल वह भाव का भूखा
    असीम कृपा जब उसकी होगी
    कहीं कमीं नहीं होगी |
    अनुपम भाव संयोजित किये हैं आपने ...आभार

    जवाब देंहटाएं
  5. सही बात है..यही ज्ञान है ..प्रभु भाव के भूंखे हैं..
    सत्कर्म करते जाओ बस..

    जवाब देंहटाएं
  6. कर्म करे निस्वार्थ भाव से,अच्छे रखे विचार
    ईश्वर की असीम कृपा से, भर जाए भण्डार,,,,,

    RECENT POST ...: जिला अनूपपुर अपना,,,

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुत सुन्दर सन्देश देती सार्थक रचना ! बहुत बढ़िया ! आनंद आ गया पढ़ कर !

    जवाब देंहटाएं
  8. छप्पन भोगों से नहीं, खुश होते भगवान् |
    तर्क तरीके व्यर्थ हों, अटक भटक इंसान |
    अटक भटक इंसान, लोटता नापे धरती |
    व्यर्थ जाप हठ योग, तपस्या कुछ न करती |
    सत्तावना प्रकार, पका के रख मन बरतन |
    भावों का पकवान, परोसो छोडो छप्पन ||

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (25-08-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

    जवाब देंहटाएं
  10. सच कहा आपने उस ईश्वर की कृपा बनी रहे बस हम सब पर :)))

    जवाब देंहटाएं
  11. छप्पन भोग से नही कोइ नाता
    है केवल वह भाव का भूखा
    असीम कृपा जब उसकी होगी
    कहीं कमीं नहीं होगी |

    सटीक बात कही है .... भगवान बस भाव का भूखा है ...

    जवाब देंहटाएं
  12. छप्पन भोग से नही कोइ नाता
    है केवल वह भाव का भूखा
    असीम कृपा जब उसकी होगी
    कहीं कमीं नहीं होगी |

    ....बहुत सच कहा है...भगवान को भक्ति के अलावा और क्या हम दे सकते हैं..

    जवाब देंहटाएं
  13. उसकी कृपा बनी रहे, फिर क्या कमी है
    बहुत सुन्दर निर्मल भाव... आभार आशा जी

    जवाब देंहटाएं

Your reply here: