12 मार्च, 2014

फागुन आगया




हाइकू :
-(१)
 खेलती फाग
रंग रसिया साथ
भला लगता |
(२)
भीगी चूनर
पूरी तरबतर
लिपटी जाए |
(३)
रंग गुलाल
मलता मुंह पर
मन बसिया |

(४)

रंग अवीर 
लिए प्यार की साध  
सजनी सजी |
(५)

कन्हा के संग
गोपियाँ खेलें होली
आज होली है |

आशा

10 टिप्‍पणियां:

  1. होली की विविध छटा लिए बहुत सुंदर हायकू.

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  2. होली की विविध छटा लिए बहुत सुंदर हायकू.

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  3. बहुत खूब...सीधे मन के कोने तक जाती हुई ........होली की शुभकामनाएँ !!!

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  4. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 13-03-2014 को चर्चा मंच पर दिया गया है
    आभार

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  5. होली के माहौल को और रंगीन बनाते बेहतरीन हाईकू ! बहुत सुन्दर !

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  6. पर्व की रंगीनी शब्दों में भी !
    बहुत शुभकामनायें !

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