30 मई, 2020

हुस्न की नियामत




अल्लाह ने हुस्न की नियामत दी है तुम्हें
हर किसी को यह  भी नसीब नहीं होती
पर तुम्हें रास नहीं आई वह अनमोल भी
पर एक बात अवश्य हुई जब  से हुई  मुलाक़ात   
हुस्न की बिजली गिराना आ गया तुम्हें
एक दिल पर पहरा दिया जब उसने
कई दिलों पर बिजली गिराना आगया तुम्हें |
                                               आशा

8 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज शनिवार 30 मई 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. सुप्रभात
      यशोदा जी सूचना हेतु आभार |

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  2. बहुत सुन्दर और सार्थक।
    पत्रकारिता दिवस की बधाई हो।

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    1. धन्यवाद शास्त्री जी टिप्पणी के लिए |पत्रकारिता दिवस के लिए आपको भी बधाई हो |

      |

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  3. सुन्दर क्षणिका ! बढ़िया अभिव्यक्ति !

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  4. धन्यवाद साधना टिप्पणी के लिए |

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