22 जनवरी, 2021

बहुत दूर से लिए गए कश्मीर घूमने जाते समय के दृश्य

(चश्में शाही )


(फूलों से सजा बागीचे का रंगीन समा )
                                                                    (ड़लझील में हाउस बोट)

 

दूसरे दिन होटल की खिड़की से झांक कर देखे झील के दृश्य बहुत सुहाना मौसम था |इतने में बैन वाला हमें पिकअप करने आ गया |सारे दिन घूमें शाम को चार  चिनार बोट में बैठ कर गए और छोटे से बागीचे में घूमें |फिर तीसरे दिन कश्मीर के बाहर केसर के खेत देखे |वहां सहकारी बाजार से केशर भी खरीदी |सच में बहुत आनंद आया जन्नत के दृश्य  दर्ख कर  |लग रहा था कि काश और अवकाश होता |या ये मनोभावन पल मन के कैनवास में  उकेर लिए जाते | 

आशा













































दृध्य  डल  का होटल से                                                                         
 

6 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (24-01-2021) को   "सीधी करता मार जो, वो होता है वीर"  (चर्चा अंक-3949)    पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    --
    नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिन की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ-    
    --
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
    --

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    1. सुप्रभात
      आभार सहित धन्यवाद मेरी रचना की सूचना के लिए

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  2. सुन्दर चित्रण कश्मीर की वादियों का और बहुत ही आकर्षक तस्वीरें !

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  3. सुप्रभात
    धन्यवाद टिप्पणी के लिए साधना |


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