24 अक्तूबर, 2021





ओ रे चन्दा तुम जल्दी आना
 मैंने चतुर्थी का व्रत रखा है
 यदि समय पर न आए
 मैं तुमसे ग़ुस्सा हो जाऊंगी 
| मैं भूखी रहूँ या न रहूँ 
 मुझे कोई फर्क नही पड़ता
 पर सभी परेशान हो जाते हैं
 बताओ मैं क्या करू किसकी सुनूं |
 मैंने मन चाहा वर पा लिया है 
 दुनिया की नियामत मुझे मिली है
 जो चाहा हर बात पूरी हुई है
|पर यदि व्रत छोड़ा 
 आने वाली पीढ़ी क्या शिक्षा लेंगी
 कुछ तो ख्याल रखना होगा 
 तुम्हें मेरा साथ देना होगा |
समय के महत्व्  को जानो
 समय की सीमा न लाघों
 बस यही अरदास है तुमसे 
  अधिक  परिक्षा न करवाओ  |
 आशा

2 टिप्‍पणियां:

  1. करवा चौथ का चन्द्रमा बिना नखरे दिखाए कैसे दर्शन दे दे ! आज ही का दिन ही तो मिलता है उसे भाव दिखाने को ! कल भी कितनी देर बाद दर्शन दिए उसने ! हा हा हा !

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