11 मई, 2016

मौसम ने करवट बदली

मौसम ने करवट बदली तब न सचेत हुए
कई पांडाल ढहे कुछ लोग अचेत हुए
प्राकृतिक आपदा का कैसे हो आकलन
सड़क पर बिजली गिरी महिला के प्राण गए |

 भीड़भाड़ भारी थी महा कुम्भ के मेले में
धक्कामुक्की चोरी चकारी भी थी मेले ठेले में
आध्यात्म और भीड़ तंत्र दौनों दीखते यहाँ
धर्म ध्वजाएं लहलहातीं पूरे सिंहस्थ क्षेत्र में |

आज फिर मौसम ने धोका दिया
सिंहस्थ पर आई कठिनाइयां
थोड़ी सी वर्षा में  तम्बू धराशाही हुए
श्रद्धालू झेल रहे कठिनाइयां
जाने की इच्छा थी प्रवल इतनी
भूले जल वृष्टि और आंधियां
वाहन जाम में फंसे रेंग रेंग कर चले
मुंह पर उड़ने लगी हवाइयां
फिर भी हिम्मत से काम लिया
पार की घंटों में ज़रा ज़रा सी दूरियां
वहीं पहुँच कर दम लिया
मन को संतोष बस इतना रहा
पुण्य लाभ ले पाए कार्य अधूरा न रहा
इतनी मशक्कत में उड़ने लगीं हवाइयां |

आशा

10 मई, 2016

तस्वीर तेरी


तस्वीर तेरी मन में
इस तरह समाई है
तुझ में ही खोया रहता हूँ
सोते जागते उठते बैठते
उसी पर दृष्टि रहती है
बंद आँखों से कभी झांकती है
मधुर मुस्कान से रिझाती है
चुन्नी का कौना मुंह में दबा
हाथों में हाथ थामती है
दिल के किसी कौने में
इस तरह पैठ गई है
कभी ओझल नहीं होती
तस्वीर तेरी प्यारी सी
मेरी रग रग में समाई है
तेरी आवाज सुनाई देती है
तू मुझसे बातें करती है
अक्स तेरा अक्सर
मुझ में समा जाता है
दूर होते हुए भी तू
बहुत करीब होती है
दिल दिमाग के हर कौने में
बस तू ही बसी रहती है |
आशा

08 मई, 2016

दोस्ती तेरी मेरी (हाईकू )

बन्दर और कुत्ता के लिए चित्र परिणाम

१-
वर्ग अलग 
पर प्यार न बटा 
स्नेह उपजा |
 २-
मासूम अदा 
मेरी गोद में तुझे 
ले कर आई |
३-
 मैं मां न सही 
तेरा ख्याल रखती 
बड़े स्नेह से |
४-
  ना कोई तेरा 
ना कोई मेरा यहाँ 
हैं हम दोनो |
५-
 बन्दर बोला 
तू आजा मेरे पास 
 दुःख न मना |
६-
 कितना प्यारा 
तू लगता सबको 
ज़रा खुश हो |
७-
  मुझे पसंद 
 मेरी तेरी ये दोस्ती 
हैं भिन्न तो क्या |
८-
यह ममता 
कहाँ मिल पाएगी 
नहीं मालूम |
9-
यह दुनिया
प्यार न देख पाए
 जले हमसे |
१०-
तू वृक्ष पर
हूँ मैं धरती वासी
 प्रीत है न्यारी |
 
आशा

07 मई, 2016

है पढ़ना आवश्यक


१-
 मन से पढ़
जाना ऊंचाई तक 
मेरी बिटिया |
२-
 मां का प्यार 
है सम्बल उसका 
बहुत पढेगी |
३-
 नई पोशाक 
की सुन्दर  चुटिया
 हुई तैयार |
४-
  रहते कहीं
पर पढ़ना ही है 
मन कहता |
5-
 नहीं है बस्ता
आज पहला दिन 
चल जाएगा |
6-
है तो निर्धन 
इच्छा शाला जाने की 
प्रवल रही |
७-
है उत्साहित 
मां की तैयारी से 
शाला जाना है |
८-
बेटी तैयार
समय की पावंद 
माता प्रसन्न |
९-
बेटी पढाओ 
शिक्षित होगी जब 
समृद्धि लाए |
१०- 
मां ने सजाया 
शाला में पहुंचाया 
वह आगे बढी |

आशा

 

06 मई, 2016

जन्मदिन (२.५.२०१६ )पर बेटी ने खींची तस्वीरें

बदरा



१-
प्रसन्न दिखा
धरती का मुखड़ा
बदरा देख |
२-
छाए बदरा
दिल बाग़ बाग़ है
कोयल बोली |
३-
नन्हां डबरा
जल की ही आशा में
देखे बदरा |
४-
आसमान में
कजरारे बदरा
बोले पपीहा |
५-
नन्हें पौधे हैं
चाहत है बढ़ने की
बदरा आओ |
आशा


04 मई, 2016

अंधी भीड़

पत्थरबाजी के लिए चित्र परिणाम
जुटी भीड़ एक जलसे में 
एक समूह ने कुछ कहा 
चर्चा पर चर्चा हुई 
आनन् फानन मेंबात बढी
जाने क्या बात हो गई 
आपस में तकरार हो गई 
पहले बहस फिर हाथापाई 
फिर पत्थरबाजी शुरूहुई 
पत्थर से पत्थर टकराए
 चिंगारियां उड़ने लगीं 
कब चिंगारी आग में बदली 
कोई नहीं जान पाया 
भागमभाग ऐसी  मची 
कोई भागा कोई गिरा 
लड़ाई झगड़ा भूल गए 
पलायन में ही हित समझ 
बाहर आ कर दम लिया 
दमकल आई आग बुझाई 
 बड़ा हादसा टल गया 
जन हानि ना हुई होना था जो हुआ 
  मजा जलसे का  किरकिरा हुआ |
आशा