13 अप्रैल, 2011

पहला प्यार


होती है प्रीत वह भावना
जो कभी समाप्त नहीं होती
कोमल भावनाओं का संचार
होता जाता अंतर मन में |
दिन दिन नहीं रहता
रात रात नहीं लगती
मन करता रमण उसी में |
प्यार है ऐसा जज्बा
जिसे भुलाया नहीं जाता
आकर्षण और समर्पण
होते
निहित इस में |
भूल
नहीं पाता कोई इसे
रहता अहसास इसका
जिंदगी के
आख़िरी
क्षण तक |
आवश्यक नहीं वह मिल पाये
जब अन्य किसी से नाता जुड़ जाये
उसकी निकटता पा कुछ तो मन बदलता है
पर यह प्यार नहीं समझौता है |
जो मिला नहीं उसकी यादें
धुँधली सी होने लगती हैं
पर उन यादों की ऊष्मा
एकांत क्षणों में, स्वप्नों में
बारम्बार सताती है
मन में दबी चिंगारी
ज्वाला बन जाती है |
प्यार पहला ही होता सच्चा
दूसरा मात्र समझौता है|
वह प्यार क्या
जिसकी याद नहीं आये
होता बहुत भाग्य शाली
जो उस तक पहुँच पाये |

आशा