14 अगस्त, 2016

पन्द्रह अगस्त

मिली स्वतंत्रता पंद्रह अगस्त को
स्वतंत्र देश के हैं नागरिक
आजादी कितनी मुश्किल से मिली 
अब कुछ भी याद नहीं 
कुर्वानी   देश  के लिए जिसने दी
अब किताबों तक सीमित रह गई 
राष्ट्रीय त्यौहार मनाने की 
रस्म अदाई बच रही 
अब तो इतना ही याद है 
आजादी हमारा है अधिकार 
इस पर कोई न डाका डाले 
हैं लड़ने मरने को तैयार 
अपने अधिकार सुरक्षा को 
जब आजादी मिली थी 
कुछ दाइत्व भी सोंपे गए  थे 
वे सब कहाँ खो गए 
एक भी याद न रख पाए 
अधिकार सुरक्षा में ऐसे खोए 
कर्तव्य पालन भूल  गए 
राष्ट्र ध्वज के तलेआज भी 
कोई प्रतिज्ञा लेते हैं 
पर कैसे पूरी की जाएं 
यह तक नहीं सोचते 
यही मानसिकता देश को 
आगे बढ़ने नहीं देती 
अर्ध विकसित तब भी था 
आज भी वहीं है |
आशा