06 जनवरी, 2017

यादों का पहरा

आये थे अकेले 
जाएंगे अकेले 
पर तुमसे भी 
बहुत कुछ 
कहना रहेगा 
जितना समय भी
 साथ बिताया 
उसका हिसाब 
बाक़ी रहेगा 
यूँ तो सभी को 
जाना है 
बिछुड़ना है 
विसराना है 
पर मेरे साथ 
हुआ है 
अनुबंध तुम्हारा 
तभी ख्याल आया 
मेरे साथ 
तुम्हारी यादों का 
जखीरा रहेगा 
जो अनुबंद्ध 
किया है तुमसे 
वही खरी कसोटी होगा 
उसमें कोई 
खोट न होगा 
तुम्हारी यादों का 
मेरे मन पर
पहरा रहेगा |
आशा