तुम गुमसुम से क्यूँ बैठे हो
कुछ अधिक उदास ही रहते हो
कोई तो ऐसी बात करो
जो तुमको भी रास आ जाये
मेरा मन भी बहला जाये
कुछ तुम सोचो कुछ मैं सोचूँ
दोनों का सोच यदिहो एक् सा
दुनिया रंगीन नजर आये
दुःख से दुनिया भरी हुई है
पर सुख की भी कोई कमी नहीं
दुःख से तुम किनारा कर लो
सुख से ही बस नाता जोड़ो
सारे कष्ट भुला कर अपने
खुशियों से रिश्ता जोड़ो
कुछ तुम बढ़ो कुछ मै बढूँ
दुनिया के सब बंधन तोडूँ
मेरा हाथ जब थामोगे
मुझे अपने साथ पाओगे
देखो दुनिया कितनी रंगीन
खुशियों से दामन भर लाओ
आने वाले कल को अपनाओ
खुशियों से भरा कल होगा
उदासी का नामोनिशां नहीं होगा |
आशा
खुशियों से अब रिश्ता जोड़ो ,
जवाब देंहटाएंNO TENSION ONLY HAPPY
दौनो का सोच यदि मिल जाए ,
जवाब देंहटाएंदुनिया रंगीन नजर आए ,
दुःख से दुनिया भरी हुई है ,
पर सुख की भी कोई कमी नहीं है
लाजवाब पंक्तियाँ ......सुन्दर कविता /
अपने मनोभावों को बहुत स्दुन्दर शब्द दिए हैं।...सुन्दर रचना है बधाई।
जवाब देंहटाएंदौनो का सोच यदि मिल जाए ,
दुनिया रंगीन नजर आए ,
दुःख से दुनिया भरी हुई है ,
पर सुख की भी कोई कमी नहीं है
विचारो की सहमति का आनन्द ।
जवाब देंहटाएंसकारात्मक सोच के साथ एक बहुत ही सुन्दर और भावपूर्ण बेहतरीन रचना ! यदि सोच ऐसी होगी तो कोई कारण नहीं कि सुख दामन में सिमटने के लिए आतुर ना हों ! बहुत बढ़िया कविता !
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