21 नवंबर, 2019

बधाई


बधाई
जब पहला कदम रखा दुनिया में
 ख़ुशी चारो ओर फैली
पहला शब्द माँ कहा मौसी हुई निहाल
क्यूँ न चूम लूं तुम्हें
तुमसी बिटिया  पा कर
 दी बधाई तुम्हारी जननी को
दिन प्रति दिन प्रगति हुई
 ठुमक ठुमक चलना सीखा
दौड़ती फिरती आँगन में
सतरंगी  फ्राक पहन कर
 गोल गोल घूमती
एक उंगली का नृत्य दिखाती
माँ लेती उसकी बलाएं
सब देते बधाई देख तुम्हारी चतुराई
कोई प्यारी बहना कहता कोई दुलारी बिटिया
पहला दिन स्कूल जाने का
 नया परिधान सिलवाया
नया बस्ता  नई पट्टी कॉपी किताब पेन्सिल
 जाने से पहले माँ ने  
 टीका लगा भगवान से दुआ मांगी
बाक़ी सब ने दी बधाई
 नए स्कूल में जाने के लिए
थकी हारी शाला से लौटी
 सब ने पूंछा हाल 
बातें बढ़ चढ़ कर सुनाई
पट्टीपूजन के बाद पहला अक्षर
जो लिखा था वही सब को दिखलाया
देते रहे सब बधाई 
बिटिया ने क्या कुशाग्र बुद्धि पाई |
आशा

9 टिप्‍पणियां:

  1. अरे वाह ! बहुत सुन्दर प्यारी सी रचना ! बचपन की बहुत सारी बातें जीवंत हो उठीं !

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  2. सुप्रभात
    धन्यवाद साधना टिप्पणी के लिए |

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  3. जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना हमारे सोमवारीय विशेषांक
    २५ नवंबर २०१९ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद।,

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  4. बहुत सुंदर रचना आदरणीया

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  5. इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.

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  6. वाह आशा जी, एक बार को तो मानों मैं अपनी बिटिया के बचपन में पहुँच गयी। जीवंत काव्य चित्र बिटिया के बहाने से , 👌👌👌👌🙏🙏🙏

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    1. सुप्रभात
      धन्यवाद रेनू दी इतनी प्यारी सी टिप्पणी के लिए |

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