15 अप्रैल, 2020

सड़कें है सूनी सूनी





सड़कें हैं सूनी सूनी
 काल चक्र थम सा गया है
किसी ने कहा
सारा देश  सो रहा है
पर यह  सच्चाई  नहीं है 
बाहरी कार्य हुए स्थगित तो क्या
अब तो समय मिला है
 बहुत कुछ सोचने का
पहले तो कहते थे 
समय कम  पड़ जाता है
आवश्यक कार्य ही  
 मुश्किल से हो पाते हैं
यदि कोई अतिरिक्त काम 
सामने आ जाए
 भार सा लगने लगता था 
पर अब अवकाश मिला  है
 कुछ नया सोचने का  
 नवीन सृजन करने का  
यूँ सोचो तो  व्यर्थ लगेगा
 धर में पड़े रहना  
पर सोचा जाए तो यह 
कितना बड़ा कार्य  हैं
कोरोना महामारी से 
दो चार हाथ करके
घर में रह कर
 वृद्धों की देख रेख करना
सामाजिक अंतर रख कर 
मुंह को मास्क से ढक कर
 बारम्बार हस्त  धो कर
 महामारी से बचे रहना
यही है सच्ची भक्ति
 अपने देश वासियों के  प्रति 
कर्तव्य निष्ठा सरकार के प्रति|
                                             आशा

10 टिप्‍पणियां:

  1. नमस्ते,

    आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" में गुरूवार 16 अप्रैल 2020 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!



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  2. उत्तर
    1. सुप्रभात
      टिप्पणी के लिए धन्यवाद ओंकार जी |

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  3. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 16.4.2020 को चर्चा मंच पर चर्चा - 3673 में दिया जाएगा। आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ाएगी

    धन्यवाद

    दिलबागसिंह विर्क

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  4. बहुत सुंदर और सार्थक रचना आदरणीया

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  5. बढ़िया है ! यही वक्त है जिस समय अपने शौक, अपनी भूली बिसरी कलाओं को पुनर्जीवित किया जा सकता है ! नया सीखिए, रचिए, पढ़िए, गाइए, गुनगुनाइए और खुद को निखारिये ! समय मिला है तो उसका सदुपयोग करिए !

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