13 अक्तूबर, 2020

क्या तुमने प्यार किया है


 

क्या तुमने किसी से प्यार किया है

किया है तो कब और कहाँ ?

 सोच विचार कर बताना

वह कैसा प्यार था  भक्ति  प्रेम या आकर्षण |

तुमने जीवन की कितनी सीडियां चढ़ी हैं

किस मार्ग पर कदम लड़खड़ाए तुम्हारे

यह तो याद रहा होगा पर सही उत्तर देना

गुमराह नहीं करना  खुद के मित्रों को |

मुझे जानना है की क्या

मेरा सोचने का तरीका है सही

या कहीं कमी रही है मेरी सोच के तरीके में

फिर खुद को तोलना है क्या कमी है मुझ में |

मेरे कदम सही पड़े या नहीं

यह तो कोई और ही बता पाएगा

खुद का निर्णय सही है तो किस हद तक

अभी मैंने सोचा नहीं है |

 है आत्मविश्वास मुझे खुद पर

कि मेरा निर्णय गलत नहीं होता

सही मार्ग पर चलने की कला

 बचपन से ही है याद मुझे |

सोच रही हूँ कि

मैं सही हूँ या  गलत कौन  मुझे समझाए |

                                                आशा

10 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज मंगलवार 13 अक्टूबर 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (14-10-2020) को   "रास्ता अपना सरल कैसे करूँ"   (चर्चा अंक 3854)    पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    -- 
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
    --

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    1. आभार सहित धन्यवाद सर मेरी रचना की सूचना के लिए |

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  3. अपनी सोच अपने निर्णयों के बारे में इंसान खुद ही बता सकता है दूसरा कोई क्या बताएगा ! अच्छी रचना !

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