12 नवंबर, 2020

मन के दीप जलाओ


 

 

 मन के दीप जलाओ कि आया 

दीपावली का त्यौहार 

यूं  तो दिए  बहुत जलाए पर

 मन के कपाट खोल न पाए |

जीवन भर प्रकाश के लिए तरसे 

अब  जागो मन का तम हरो 

दीप की रौशनी हो इतनी कि

तम का बहिष्कार हो  |

नवचेतना का हो संचार 

घर में  और दर से बाहर  भी 

सद्भावना और सदाचार का 

संचार हो आज के दूषित समाज में | 

|यही सन्देश देता दीपावली का त्यौहार |

दी जाती हैं  बैर भाव भूल सब को

 शुभ कामनाएं दिल से 

यही रहा दस्तूर इस त्यौहार का 

                                                            जिसे हमने भी आगे बढाया |

आशा



14 टिप्‍पणियां:

  1. सादर नमस्कार,
    आपकी प्रविष्टि् की चर्चा शुक्रवार ( 13-11-2020) को "दीप से दीप मिलें" (चर्चा अंक- 3884 ) पर होगी। आप भी सादर आमंत्रित है।

    "मीना भारद्वाज"

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  2. सुप्रभात
    सूचना हेतु आभार सहित धन्यवाद मीना जी |

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    1. सुप्रभात आदरणीया दी 🙏
      दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं🙏
      सादर...

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    2. धन्यवाद मीना जी टिप्पणी के लिए |आपको भी दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाएं |
      आशा

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  3. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज गुरुवार 12 नवंबर 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  4. सामयिक और सार्थक।
    धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ आपको।

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    1. सुप्रभात
      टिप्पणी के लिए आभार सहित धन्यवाद |आपको सपरिवार दीपावली की शुभ कामनाएं |

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  5. नव चेतना का हो संचार..... बहुत सुंदर रचना 🙏

    दीपोत्सव पर हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🚩🙏
    - डॉ शरद सिंह

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  6. दीपोत्सव की दिव्यता से मुखरित रचना - -दीपोत्सव की असंख्य शुभकामनाएं।

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    1. टिप्पणी के लिए धन्यवाद शांतनु जी |आपको भी सपरिवार दीपावली की शुभ कामनाएं |

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  7. बहुत सुन्दर रचना ! प्रेम और सौहार्द्र का त्यौहार है दीपावली ! हार्दिक शुभकामनाएं !

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  8. धन्यवाद साधना टिप्पणी के लिए |

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