01 दिसंबर, 2020

कुछ असंभव नहीं


कभी शिकवा न किया

किसी से शिकायत नहीं की

फिर भी सभी ने दोष दिया

जरूर कुछ तो किया होगा |

जब अपनी बात कहना चाही

जितनी भी कोशिश की

किसी ने न मानी

सभी यत्न  व्यर्थ  हुए |

कहने को तो यही रहा

जो किया ठीक न किया

सच  यही है किसी ने

सही गलत का  भेद बताया  नहीं |

अनजाने में की गलतियां  भूल नहीं होतीं

 सुधारी जा  सकती हैं हालात से समझोता होता है

वह  एक सीमा तक तो  है संभव

पर असम्भव नहीं |

आशा

 

 

 

 

8 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तर
    1. सुप्रभात
      धन्यवाद टिप्पणी के लिए सधु जी |

      हटाएं
  2. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (02-12-2020) को "रवींद्र सिंह यादव जी को  बिटिया   के शुभ विवाह की  हार्दिक बधाई"  (चर्चा अंक-3903)    पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    -- 
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
    --

    जवाब देंहटाएं
  3. उत्तर
    1. सुप्रभात
      टिप्पणी के लिए धन्यवाद ओंकार जी |

      हटाएं
  4. बिलकुल असंभव नहीं होता एक अच्छी शुरुआत के लिए प्रयास करना ! सार्थक सृजन !

    जवाब देंहटाएं

Your reply here: