12 जनवरी, 2021

हुआ अनोखा एहसास मुझे

 



                                                   
हुआ अनोखा एहसास मुझे

                                                       यह कैसे हुआ क्या हुआ

                                                            मैं जानती कैसे

                                                   अब मुझे विचार करना होगा ।

जब आज तक न जान पाई

न जाने कब तक

इंत्जार रहेगा तुम्हारा

मैं कैसे जान पाती ।

मन का विश्वास

अभी खोया नहीं है

हैअसीम श्रद्धा प्रभू पर

यह तो याद है मुझे ।

अचानक ख्याल आया मुझे

पहले जब तुमसे मिली थी

एक बात का वादा किया था

वही रहा है नियामत मेरे लिये ।

आशा

 

12 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (13-01-2021) को "उत्तरायणी-लोहड़ी, देती है सन्देश"  (चर्चा अंक-3945)   पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    -- 
    हर्षोंल्लास के पर्व लोहड़ी की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
    --

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    1. सुप्रभात
      लोहड़ी पर्व पर हार्दिक शुभ कामनाएं |मेरी रचना की सूचना के लिए आभार |

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  2. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 13 जनवरी 2021 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. सुप्रभात
      मेरी रचना की सूचना के लिए आभार |

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  3. वाह ! सुन्दर सुखद एहसास ! सुन्दर रचना !

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    1. सुप्रभात
      धन्यवाद साधना टिप्पणी के लिए |

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  4. सुप्रभात
    धन्यवाद ओंकार जी टिप्पणी के लिए |

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