12 जुलाई, 2021

मुक्तक


 

                                   १-कोई नहीं   अपेक्षा    तुम  से  

  साथ कभी ना  छूटे   उससे

 समय   नहीं  हो   पाया  जिसका

कोई  सार न   निकला  उसका |

  

 २-   उसे अपनी बाहों में   छिपाया   

अपना प्यार उसपे लुटाया 

  तुमसे   बड़ा रखे  वो लगाव 

कभी न हो   उससे  अलगाव  |  


३-प्यार की दरकार नहीं मुझे  

हमें कभी कोई करे ना प्यार  

हम तो खुद से करते प्यार 

मिलावट नहीं  स्वीकार मुझे |


4- धुआँ सा  फैला  व्योम में 

नक़ल किसी की करता 

अपनी आँखों में जल भर के  

धरती को नम करता |

आशा 





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