04 जुलाई, 2022

कितने ही मोड़ मिलते हैं जीवन की राह पर

 

संघर्ष भरे जीवन में आगे बढ़ने के लिए

किसी भी अहम पड़ाव पर पहुँचने के लिए

कितनी  मोड़ भरी राहें पार करनी होती हैं |

यह अनुभवों ने ही  समझाया सिखाया है

गंतव्य तक पहुँचने के लिए कितनी राहें खोजीं कितने ही अंधे मोड़ मिले पर मैंने अपना आपा न खोया  

 मैं आशा पर कायम रही मैंने अपना आपा न खोया |

धैर्य रखा सदा दिल में भय से कदम पीछे न हटाए  

एक यही रहा उद्देश्य मेरा गंतव्य तक पहुँचने के लिए |

यही राज छिपा कर रखा मैंने बहुत समय तक 

 जब से सबको मिली भनक इसकी तभी बेहिचक सलाह देती हूँ |

धैर्य और साहस हैं आवश्यक इतने मोड़ों वाली 

लम्बी सड़क पार करने को कितने ही मोड़ मिलते हैं

सबसे आगे बढ़ने को |

आशा  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

4 टिप्‍पणियां:

  1. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार(०५-०७ -२०२२ ) को
    'मचलती है नदी'( चर्चा अंक-४४८१)
    पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  2. वाह वाह ! बहुत ही सुन्दर सृजन !

    जवाब देंहटाएं
  3. धन्यवाद साधना टिप्पणी के लिए |

    जवाब देंहटाएं

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