21 मार्च, 2023

कैसे लिखूं कविता

                

              कैसे लिखू कविता 

मुझे रस  छंद अलंकार  का ज्ञान नहीं

ना ही मुझे मीटर का बोध बड़ी कमी लगती है

लेखन मैं  परिपक्वता नहीं आई अब तक  |

 मन  है निराश क्यों अब समझ में आया

केवल शब्द चुनने से कविता नहीं बनती

  विचार लिपिबद्ध करने से

कविता का रूप नहीं सुधरता |   

मन पर  प्रभाव नहीं पड़ता

जब तक विचार सशक्त नही होता

उसे बिम्बों से सजाया नहीं जा सकता

छंदों में  ठीक से ढाला नहीं जाता |  

जो कहना चाहती हूँ कह नहीं पाती

वह खुशी नहीं मिलती जिसकी रहती अपेक्षा   

सीधी सच्ची बातों को लिपिबद्ध करने में

भावों को विशेष रूप से ढालने में चौपाई में |

रही असफल कविता लिखने में

पर कोशिश नहीं छोड़ी 

कभी सफलता आएगी  

सबने कहा किसी और विधा में लिखो|

 है कोशिश बेकार

मेरे मन ने नहीं स्वीकारा इसे

जैसा भी लिखूं

 सब मुझे अच्छा लगता है |

आत्मसंतुष्टि के लिए यह भी कम पड़ता है

विविध विचारों को रंग देती हूँ प्रसन्नता के लिए

खुद के मन की खुशी के लिए

सोचती हूँ कभी तो सफलता होगी  मेरे पास |

               आशा सक्सेना  

2 टिप्‍पणियां:

  1. अवश्य होगी ! कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ! अनंत शुभकामनाएं !

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  2. धन्यवाद साधना टिप्पणी के लिए |

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