25 फ़रवरी, 2016

श्याम सलोने

श्यामल गात

सुदर्शन सुन्दर
मनमोहक छवि तेरी
रोम रोम में बसी
भाव भंगिमा तेरी
तेरा मुकुट
तेरी बाँसुरी
सब से अलग
हैं केवल  तेरे ही 

श्याम सलोने 
मां के दुलारे       
वह जाए तुझ पर वारी 
जब माखन खाए गिराए 
मनवा को भा जाए

नयनों में आ बसी 
अनमोल भंगिमा तेरी 
श्याम सलोने
तेरी कमली तेरी लाठी
तेरी धैनूं तेरे सखा
मुझको बहुत सुहाय 
तू सबसे अलग लगे 
मन से छवि न जाय |
आशा
Asha Lata Saxena's photo.s