27 फ़रवरी, 2012

देखे विहग व्योम में


देखे विहग व्योम में उड़ते
लहराती रेखा से
थे अनुशासित इतने
ज़रा न इधर उधर होते
प्रथम दिवस का  दृश्य
 हुआ साकार फिर से
 यह क्रम  रोज सुबह रहता
होते ही प्रातः बढ़ते कदम
खुले आकाश के नीचे
यही मंजर देखने के लिए 
अब तो नियम सा हो गया
उन्हें देखने का
ना होता कोइ दिग्भ्रमित
ना ही  बाहर  रेखा से
अग्र पंक्ति का पीछा करते
कतार बद्ध आगे बढ़ते
हुआ विस्मय यह देख
समय तक निश्चित उनका
मोल समय का जानते
उसे साध कर चलते
गति थी एकसी सबकी
लगता था क्रम तक निश्चित
शायद उनसे ही सीखा हो
कदम ताल करना
अग्र पंक्ति से कदम मिला कर
दूर तक जाना
हो स्वअनुशासित परेड में 
एक ताल पर चलना |
आशा

22 टिप्‍पणियां:

  1. अनुशासित अनुपम उड़ान की,
    अनुभूती अंतर्मन कर ले ।

    जीवन सफ़र सरल हो जाये,
    आसमान मुट्ठी में भर ले ।।


    दिनेश की टिप्पणी - आपका लिंक

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  2. सुन्दर परिकलपना पंछी देते सीख जगत को

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  3. जीवन में अनुशाशन का प्रमाण देती बेहतरीन रचना..!
    kalamdaan.blogspot.in

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  4. hum se jyada anushasit to ye janvar ,pakshi hain prakarti hume bahut kuch sikhati hai.aapki rachna ka bhaav lajabaab hai aasha ji.

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  5. बेहतरीन रचना..!
    जीवन सफ़र सरल हो जाये,
    आसमान मुट्ठी में भर ले ।।

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  6. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

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  7. वाकई यदि हम चाहें तो अनुशासन और नियम का सबक इन परिंदों से सीख सकते हैं ! सचमुच अद्भुत प्रतीत होता है सम गति से समूह में इनका एक साथ उड़ना ! आपकी प्रेरणा के स्त्रोत कभी-कभी हैरान कर देते हैं ! बहुत सुन्दर रचना !

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  8. बहुत बढ़िया प्रसंसनीय प्रस्तुति,सुंदर रचना के लिए बधाई .
    आशा जी,..आपका समर्थक बन गया हूँ भी बने,मुझे खुशी होगी,..

    NEW POST काव्यान्जलि ...: चिंगारी...

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  9. बहुत बढ़िया प्रसंसनीय प्रस्तुति,सुंदर रचना के लिए बधाई
    आशा जी,..फालोवर बन गया हूँ आप भी फालो करे तो मुझे बहुत खुशी होगी...आभार

    NEW POST काव्यान्जलि ...: चिंगारी...

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  10. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...

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  11. सच है इंसान बदल गए उसके तौर तरीके बदल गए लेकिन परिंदे अपना अनुशासन नहीं भूले सीख लेना चहिये हमें उनसे... बहुत अच्छी अभिव्यक्ति... सादर

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  12. bahut sunder aur anupam rachanaa.bahut badhaai aapko.

    आप का बहुत बहुत धन्यवाद की आप मेरे ब्लॉग पर पधारे और इतने अच्छे सन्देश दिए /आपका आशीर्वाद मेरी रचनाओं को हमेशा इसी तरह मिलता रहे यही कामना है /मेरी नई पोस्ट आपकी टिप्पड़ी के इन्तजार में हैं/ जरुर पधारिये /लिंक है /
    http://prernaargal.blogspot.in/2012/02/happy-holi.html
    मैंने एक और कोशिश की है /अगर आपको पसंद आये तो उत्साह के लिए अपने सन्देश जरुर दीजिये /लिंक है
    http://www.prernaargal.blogspot.in/2012/02/aaj-jaane-ki-zid-na-karo-sung-by-prerna.html

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  13. आप का बहुत बहुत धन्यवाद की आप मेरे ब्लॉग पर पधारे और इतने अच्छे सन्देश दिए /आपका आशीर्वाद मेरी रचनाओं को हमेशा इसी तरह मिलता रहे यही कामना है /मेरी नई पोस्ट आपकी टिप्पड़ी के इन्तजार में हैं/ जरुर पधारिये /लिंक है /
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