12 मार्च, 2012

बहुत कुछ बाकी है


इस दुनिया में क्या रखा है
जीने के लिए 
रमे रहने के लिए
 अपनी दुनिया ही काफी है 
 बड़ी हस्ती ना भी हुए तो क्या
सर छिपाने के लिए
छोटी सी छत ही काफी है
जो सुकून  मिलता है यहाँ
शायद ही कहीं मिल पाए
बहुत अनुभव नहीं तो क्या
विश्वास की नीव ही काफी है
सीखा है बहुत कुछ
 दुनिया की दुधारी तलवार से
हुए दूर दुनिया से
सिमटे अपनी दुनिया में
उसे अपने में समेटने की
लगन ही काफी है
यहाँ जो खुशी मिलाती है
बांटने से भी कम नहीं होती
प्यार की तकरार की
छुअन अभी बाकी है
जिंदगी के कई रंग घुले यहाँ
 डूबे तभी जान पाए
गहरा है रंग यहाँ का
छूटना बहुत मुश्किल
  यहाँ  अहसास अपनेपन का
है इतना गहरा
आगे कुछ नहीं दीखता
बस यही काफी है
इस दुनिया में जीने के लिए
अभी बहुत कुछ बाकी है |
आशा









14 टिप्‍पणियां:

  1. sach likha hai -bahut kuchh baki hai .sundar rachna ...gahre bhav samete huye .aabhar .AB HOCKEY KI JAY BOL

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    1. शिखा जी आपको इस ब्लॉग पर देख कर बहुत अच्छा लगा |टिप्पणी के लिए धन्यवाद |
      आशा

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  2. आगे कुछ नहीं दीखता
    बस यही काफी है
    इस दुनिया में जीने के लिए
    अभी बहुत कुछ बाकी है |

    बहुत बढ़िया प्रस्तुति,भावपूर्ण सुंदर रचना,...

    RESENT POST...काव्यान्जलि ...: बसंती रंग छा गया,...

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    उत्तर
    1. आपका इस ब्लॉग पर स्वागत है टिप्पणी के लिए धन्यवाद |आपके लिए
      एक खुशखबरी है मेरी पहली पुस्तक "अनकहा सच "प्रकाशित होगी है |
      आशा

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  3. 'मेरा छोटा सा देखो ये संसार है'! बहुत पुराने गीत के बोल याद आ गये आज आपकी रचना पढ़ कर ! इसमें कोई शक नहीं जितना सुकून अपने घर में मिलता है वह और कहीं मिल ही नहीं सकता ! बहुत सुन्दर रचना !

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  4. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर की गई है।
    चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं....
    आपकी एक टिप्‍पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

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    उत्तर
    1. अपनी रचना चर्चा मंच पर देख कर बहुत प्रसन्नता होती है |आपका आभार कविता का चयन करने के लिए |आपको एक खुशखबरी और देदूं |मेरी कविताओं का संग्रह "अनकहा सच" प्रकाशित हो गया है |
      आशा

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  5. बहुत सुन्दर सच्ची रचना....
    गम जितना है जगत में, उतना ही है हर्ष
    काफी कुछ बाकी अभी, पाने को उत्कर्ष

    सादर.

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  6. दुनिया में जीने के लिए कारणों की कमी नहीं है ...
    सार्थक जीवन जितना जिया जाए , कम है !

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    उत्तर
    1. आपका ब्लॉग पर आकार पिप्प्नी करना बहुत अच्छा लगता है |इसी प्रकार स्नेह बनाए रखें |
      आशा

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