माँ की ममता पिता का प्यार
पर अंतर बड़ा दोनों में
ममता की मूरत दिखाई देती
पर पिता का प्यार छिपा रहता
दीखता केवल अनुशासन |
लगता था तब बहुत बुरा
जब छोटी सी बात पर भी
डांट ही मिलती थी
भूले से भी प्रशंसा नहीं
जब खुद पिता बन गया हूँ
बच्चों की उलझने सुलझा रहा हूँ
तभी जान पाया हूँ
वे कभी गलत न थे
यदि तब रोकटोक न होती
आज में इतना सक्षम न होता
रोज याद आती है उनकी
उनके अनुशासित दुलार की
अपने सर पर
उनके वरद हस्त की
अब सोचता हूँ
मेरे पापा थे सबसे अच्छे
उनसा कोई नहीं |
आशा
सुंदर प्रस्तुति ! पिता की उपस्थिति ही घर में अनुशासन का वातावरण बनाती है और माता पिता के प्यार में एक संतुलन आ जाता है ! बहुत सुंदर रचना !
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर भावों की अभिव्यक्ति आभार . मगरमच्छ कितने पानी में ,संग सबके देखें हम भी . आप भी जानें संपत्ति का अधिकार -४.नारी ब्लोगर्स के लिए एक नयी शुरुआत आप भी जुड़ें WOMAN ABOUT MAN क्या क़र्ज़ अदा कर पाओगे?
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर भाव ...word verification hta len pls
जवाब देंहटाएंमेरे ख्याल से मेरे ब्लॉग पर word verifikeshan नहीं है टिप्पणी हेतु धन्यवाद |
हटाएंयदि सेटिंग में हो गया हो तो हटा दूंगी ||
बहुत सुंदर....भावाभिव्यक्ति...
जवाब देंहटाएंब्लॉग बुलेटिन की फदर्स डे स्पेशल बुलेटिन कहीं पापा को कहना न पड़े,"मैं हार गया" - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !
जवाब देंहटाएंमेरी रचना को स्थान देने के लिए आभार |
हटाएंआशा
बहुत सुन्दर भावाव्यक्ति
जवाब देंहटाएंlatest post पिता
LATEST POST जन्म ,मृत्यु और मोक्ष !
पितृ दिवस पर शुभ कामनाएं |
हटाएंआशा
पितृ दिवस को समर्पित बेहतरीन व सुन्दर रचना...
जवाब देंहटाएंशुभकामनायें...
टिप्पणी हेतु धन्यवाद |
हटाएंआशा
सबके पापा सख्त ही हों यह ज़रूरी तो नहीं :)पर हाँ अधिकतर घरों में ऐसा ही होता है मगर हमारे घर में उल्टा था माँ बहुत सख्त पापा एक दम मोम...:-) पितृ दिवस को समर्पित सुंदर रचना...
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर रचना...
जवाब देंहटाएंमन को छू गयी...
सादर
अनु
पिता ही हैं जो घर में अनुशासन बनाए रखते हैं .... सुंदर रचना
जवाब देंहटाएंटिप्पणी हेतु धन्यवाद |
हटाएंआशा
बहुत सुंदर.
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