13 अप्रैल, 2015

वास्तविकता



लोन कितना ले के लिए चित्र परिणाम
आधुनिकता की दौड़ में
पिछड़ने से डरते
दुनिया की चकाचौंध में
अपना वजूद खोजते |
दूसरों की होड़ में
उधारी में फंस जाते
असंतोष में जीते
वर्तमान भी बिगाड़ते |
एक धरा दूसरा आसमान
हो दौनों की क्या तुलना
तुम लोनची  वो लोन  फ्री
 सोच भिन्न दौनों का  |
तुमने पैर पसारे
अपनी चादर के बाहर
वो छोड़ नहीं पाया
 अपनी चादर की हद |
वर्तमान में  कठिनाई
भविष्य सुरक्षित रखतीं
खुश हाल जीवन होगा
यही सुनिश्चित करतीं |
जो केवल लोन  पर जीता
सदा  समस्याओं से घिरा
हंसना तक भूल जाता
जीवन को बोझ समझता |
लेनदेन की चिंता में
शरीर सुख भी जाता
चिंता चिता सामान
 सत्य नजर आता |

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

Your reply here:

सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें [Atom]

<< मुख्यपृष्ठ