25 मार्च, 2018

आज के बच्चे कल के नेता



समय भी क्या कमाल है
चुनाव के मौसम में
हो रही धमाल है
 अब हाथापाई तक
उतर आई है जबाबी बोलचाल
 शर्म न लिहाज
केबल बेसुरे नारों की भरमार
पार की सारी मर्यादा
फिर होने लगा धमाल
शिक्षा दें भी तो कैसे किसे
कभी अनुशासन जाना नहीं
यही जब नेता बनेंगे
सम्हालेंगे बागडोर देश की
तब न जाने क्या होगा ?
लोकसभा विधान सभा में
काम तो नहीं पर
केवल दंगल ही होगा
कुश्ती का मंजार  होगा |
आशा











































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