03 जुलाई, 2019

किताब



 
किताब में छिपी है
 गहरे अहसासों की छुअन  
हर पन्ना सजा है
 अनुभवों के मोतियों से
कभी सत्यपरक
 कभी सत्य के करीब कथानक
या पूरी काल्पनिक
ऊंची उड़ाने भरती हुई कहानियां
यदि एक भी पन्ना छूट जाए
बहुत बेचैनी होती है
उसमें हर शब्द है वेशकीमती  
सागर की सीपी से
 खोज कर लाया गया है
वही एहसास वही अनुभव
गूथे गए है शब्दों की माला में
पुस्तक के रूप में
यही तो उसे बना देती है
अनमोल कृति जिसे
 सहेज कर रखते हैं
 धरोहर की तरह  
एक पीढ़ी से आने वाली पीढ़ी तक
किताबें है ऐसे दस्तावेज
जिन में लिखी इवारतें  है
 इतिहास अतीत का
जब भी पन्ने पलटो
 अतीत की घटनाओं में 
ऐसे खो जाते हैं
मन ही नहीं होता
 हाथों से पुस्तक छोड़ने का
कभी अपने से तुलना करते हैं 
और बीती यादों में खो जाते हैं |

आशा



13 टिप्‍पणियां:

  1. हमारी सबसे अच्छी मित्र होती हैं किताबें ! हर समस्या का निदान बताती हैं किताबें हर शंका का निवारण करती हैं किताबें ! ज़रुरत पड़ने पर थपकियाँ देकर मीठी नींद सुलाती हैं किताबें !

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सुप्रभात
      टिप्पणी के लिए धन्यवाद साधना |

      हटाएं
  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 4.7.19 को चर्चा मंच पर चर्चा - 3386 में दिया जाएगा

    धन्यवाद

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत सही। हमारी विचार संस्कृति का वाहक हैं- किताबें।

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत ही सुन्दर रचना दी जी
    प्रणाम
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत सही परिभाषा दी है किताब की

    जवाब देंहटाएं
  6. वाह!!!बहुत खूबसूरत रचना आशा जी ।

    जवाब देंहटाएं
  7. सुप्रभात
    टिप्पणी के लिए धन्यवाद शुभा जी |

    जवाब देंहटाएं

Your reply here: