14 नवंबर, 2019

अपनी क्षमता जान

                                                              बाल दिवस के अवसर पर -
                                                               काम   बड़ा न  छोटा कोई
 काम तो बस काम है 
 काम को ऐसे न टालो
जीवन में  इसे उतारलो
है यह प्रमुख अंग  जीवन का
  जिसके बिना 
वह रह जाता अधूरा 
  एक विकलांग प्राणी सा 
मानव जीवन 
कार्य से ही पूर्ण होता
  व्यस्त सदा बना रहता
कार्य यदि उपयोगी होता
जीवन सफल हो पाता
उससे मिली प्रशंसा से 
वह पूर्णता को प्राप्त होता 
और  सकारथ हो पाता |
आशा

 

10 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज गुरुवार 14 नवम्बर 2019 को साझा की गई है......... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. उत्तर
    1. सुप्रभात
      टिप्पणी के लिए धन्यवाद संजय |

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  3. बिलकुल सत्य ! सार्थक सन्देश देती सुन्दर प्रस्तुति !

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  4. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (15-11-2019 ) को "नौनिहाल कहाँ खो रहे हैं" (चर्चा अंक- 3520) पर भी होगी।
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिये जाये।
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    *****
    -अनीता लागुरी 'अनु'

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  5. सुप्रभात
    मेरी रचना शामिल करने की सूचना के लिए आभार |

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