26 अक्तूबर, 2020

इस वर्ष का दशहरा

 

 


                                                              कोविद नाईनटीन का रावण

 जला दशहरा मैदान में

पर ज्यादा लोग देख नहीं

 पाए इस आयोजन को |

घर से ही दुआ की

 अब फिर पलट कर ना आए कोविद 

छोटी सी सवारी आई थी

 रावण के  दहन को |

बिना धूमधाम के चुपके से

 रावण दहन कर चली गई

बच्चे मेला देखने की जिद्द करते रहे

 पर कोई नहीं ले गया |

कुछ रोए कुछ बहकावे में आए

 पर वहां पहुँच ना पाए

अगले साल का वादा किया

 जैसे तैसे उनसे पीछ छुड़ाया |

 न जाने कल क्या  होगा किसे पता

 दुनिया तो आज पर जीती है

ऐसा उदासी भरा पहले  हमने

 तो कभी देखा नहीं ऐसा त्यौहार |

बस बीती  यादों में खोए रहे

और आज के अवसर

 को दुखी मन से

भूलने की कोशिश में लगे रहे |

आशा  

 

 

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

6 टिप्‍पणियां:

  1. सादर नमस्कार ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (27-10-2020 ) को "तमसो मा ज्योतिर्गमय "(चर्चा अंक- 3867) पर भी होगी,आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    ---
    कामिनी सिन्हा

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सुप्रभात
      सूचना हेतु धन्यवाद कामिनी जी |

      हटाएं
  2. कोरोना काल में हर नगर में ऐसा ही मना है त्यौहार ! कोई बात नहीं अगले साल धूमधाम से मनेगा दशहरा ! इसमें उदास होने की क्या बात है ! बीत गयी सो बात गयी !

    जवाब देंहटाएं

Your reply here: