27 फ़रवरी, 2021

हाईकु ( सावरिया )

 


१-मेरे दुलारे
मन मोहन प्यारे
माँ मन हारे
२-तुझे देखती
तन मन भूलती
मेरी अखियाँ
३-सारा जहान
खोज रहा तुमको
जाने किधर
४-हिम कणिका
ये हैं दवा के लिए
बड़ी कीमती
५-हे सावरिया
थाम तुम्हारा हाथ
हुई बाबरी
आशा




6 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (28-02-2021) को    "महक रहा खिलता उपवन"  (चर्चा अंक-3991)     पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    --  
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ-    
    --
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
    --

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  2. अच्छे हाइकु ।
    अंतिम एक बार देखें ।

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  3. प्रिय संगीता जी धन्यवाद करेक्शन के लिए |

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