11 जून, 2021

यदि बरखा न आई


 


  बढ़ेगी  उमस बेचैनी होगी 

    यदि मौसम विभाग सफल नहीं  

आने वाले मौसम की

जानकारी देने में |

अब तक न आए बदरा

 काले कजराते  जल से भरे

तेज वायु बेग  उड़ा ले चला  

दूसरी दिशा में उन्हें  |  

  इस बार भी यदि 

 वर्षा कम  होगी

                   लोग तरसेंगे भटकेंगे यहाँ वहां  

कैसे कमी सहन करेंगे

खेती  सूख जाएंगी

 दाम बढ़ेंगे दलहन के |

हे परम पिता परमात्मा  

 कैसा है  न्याय तुम्हारा

क्या तुम्हें दया

 नहीं आती तनिक भी  

 आम आदमियों की

जल की आवश्यकताओं पर |  

प्रभु तुम क्यूँ ध्यान रखोगे

 इतनी छोटी बातों का

तुम्हें तो समय नहीं होगा ना  

क्यूँ कि बड़ी समस्याओं में उलझे हो |

बाढ़ तूफान से कैसे हो  निपटारा

शायद हो इसी  सोच में व्यस्त

कभी आम आदमी पर भी

 रहमोंकरम करो |

 तभी याद तुम्हारी आएगी उनको

हाथ जोड़ कर साष्टांग

 झुक कर तुम्हें  प्रणाम  करेंगे

तुम्हारे गुणगान से पीछे न हटेंगे |

आशा

  

6 टिप्‍पणियां:

  1. बारिश आती है तो थोड़ी बहुत परेशानी तो साथ लाती ही है, बस आफत के बरसात न हो, यही प्रार्थना करते हैं

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  2. सुप्रभात
    धन्यवाद कविता जी टिप्पणी के लिए |

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  3. सुप्रभात
    धन्यवाद ओंकार जी टिप्पणी के लिए |

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  4. वाह ! आज तो भगवान् जी भी आपके कोप की ज़द में आ गए ! मानसून तो आ ही जायेंगे अपने समय से अभी थोडी प्रतीक्षा तो करनी ही पड़ेगी ना !

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  5. सुप्रभात
    टिप्पणी के लिए आभार सहित धन्यवाद साधना |

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