26 जुलाई, 2021

दो पक्षी


                                                                 
                        दो  पक्षी होकर दीवाने 

चौंच से चौंच लड़ाते

क्या क्या बातें करते होंगे 

वही जानते  |

आपस में प्यार जताते

  समझते समझाते

इशारों  को  हम खुद ही

जानने  की कोशिश करते |

बड़े प्यारे लगते वे

और उनकी स्वर लहरी

जब पंख फैला कर

 नीलाम्बर  में उड़ते |

कभी घोंसले में बैठे

बच्चों  से  बतियाते होंगे

भविष्य की योजनाएं  बना रहे  होंगे

 यही ख्याल आया  मन में |

उनसे ली एक शिक्षा

जिन्दगी को बोझ न समझो

चाहे मौसम हो  कैसा भी

 चहकते रहो खुश हो  |

आशा

 

 

8 टिप्‍पणियां:

  1. जी, सुन्दर और प्रेरक पंक्तियाँ

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  2. उत्तर
    1. सुप्रभात
      धन्यवाद ओंकार जी टिप्पणी के लिए |

      हटाएं
  3. वाकई ये नन्हे पक्षी हमें जीवन के सत्य से अनजाने ही परिचित करा देते हैं ! इनसे बहुत शिक्षा मिल सकती है यदि हम लेना चाहें !

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  4. सुप्रभात
    धन्यवाद साधना टिप्पणी के लिए |

    जवाब देंहटाएं

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