28 जुलाई, 2021

उसकी क्या खता है


 

उसकी  क्या खता है

एक निगाह में देखा था   

तुमने ही पसंद किया था

 तुम्हारे योग्य समझ  |

सभी सर्वगुण संपन्न नहीं  होते

क्या तुम में कमी कोई नहीं

बह भी  निभा रही साथ तुम्हारा

 हर बात तुम्हारी  मान लेती सही समझ  |

 विवाह  एक समझोता है आज

 विश्वास पर टिका है  

पवित्र बंघन पति पत्नी के बीच आज

   रिश्ता नहीं  जनम जनम का |

वैसे किसी ने देखा नहीं है  

जन्म जन्मान्तर का चक्कर

 दौनों को ही झुकते देखा 

 समय की नजाकत देख |  

किसी को क्या दोष देना

भाग्य में पहले से ही लिखा है

जो ना मिला वह पत्थर था

जिसको पाया वही सच्चा  मोती है  |

 समझदारी, व्यवहारिक बुद्धि है आवश्यक

 जीवन की नैया चलाने को

 जल के बहाव के संग बहना है

यदि समाज में रहना है |

जब  नियम  न पालोगे   

डूबेगी नैया मझधार में बच न पाओगे  

 भव सागर के दलदल से 

 फँस कर रह जाओगे उसमें  |

आशा

 

 

 

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