03 जुलाई, 2021

कोई कब तक सहेगा

 


कोई कब तक सहेगा

तुम्हारा अनर्गल प्रलाप

पहले सोच विचार करो

फिर किसी पर वार करो |

यदि होंगे वार तुम्हारे खोखले 

कोई प्रभाव नहीं छोड़ेंगे

पर वार बजनदार किसी की

 जान लेकर ही दम लेंगे |

हथियार से वार समय रहते ही

ठीक किये जा सकते हैं 

 शब्दबाण देते घाव ऐसे

  ताजिन्दगी भुलाए नहीं जा सकते |

ऐसे शब्दों के बाण सीधे

दिल को आहत करते हैं  

 कभी कोई दवा काम नहीं करती

ताउम्र खलिश बनी रहती |

स्वभाव तुम्हारे की यही कमी

बन जाती  प्रगति की हथकड़ी

तुम जमाने से बहुत पीछे रह जाते

फिर अपने भाग्य को दोष देते |

आशा 






4 टिप्‍पणियां:

  1. सत्य है ! अपने कटु व्यवहार का दुष्परिणाम भी व्यक्ति को खुद ही भुगतना पड़ता है ! सार्थक सन्देश देती अच्छी रचना !

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  2. सुप्रभात
    धन्यवाद साधना टिप्पणी के लिए |

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