09 अगस्त, 2021

ख्याल नहीं तो और क्या है


 

यह ख्याल नहीं तो और क्या है

कि उसने चुराया है सुकून तुम्हारा

कभी उसे  देखा नहीं

जाना पहचाना नहीं

फिर भी धुन है कि वह तुम्हारी

 बहुत  कुछ लगती है |

क्या बुरा है ख्यालों में डूबे रहना

है क्या बुराई इसमें   

 आज तक जान न पाए

 राज क्या छिपा है इस में 

समझ से परे  है |

अपने  मन का दामन थामें रहने में

बहुत दूर के स्वप्न देखने में

ख्यालों में डूबे रहने में

 जज्बातों में बह जाने में

कोई गुनाह तो नहीं है |

बड़ी मुश्किल से मिली

तुम्हारी स्वप्नों की शहजादी

तभी दूर जाने से भयभीत हुए 

हर बार यही दोहराते हो 

वह तुम्हारी बहुत कुछ लगती है |  


आशा 

9 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तर
    1. सुप्रभात
      धन्यवाद आलोक जी टिप्पणी के लिए |

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  2. कोई बुराई नहीं है ख्यालों में डूबे रहने में ! बहुत सुन्दर रचना !

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    1. सुप्रभात
      धन्यवाद साधना टिप्पणी के लिए |

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  3. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" में बुधवार 11 अगस्त 2021 को साझा की गयी है.............. पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. सुप्रभात आभार पम्मी जी मेरी रचना को स्थान देने के लिए आज के अंक में |

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  4. सुप्रभात
    आभार रवीन्द्र जी मेरी रचना को आज के अंक में स्थान देने के लिए |

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  5. उत्तर
    1. सुप्रभात
      धन्यवाद गगन जी टिप्पणी के लिए |

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