13 अगस्त, 2020

आत्मनिर्भरता


है वह  बहुत खुशनसीब कि
 तुमने साथ उसका हर कदम पर दिया है
उसे  आत्म निर्भर बनाने का
 तुमने बीड़ा उठा उसे  संबल दिया है |
हर कार्य जो कठिन लगता था कभी  
सरलतम हल निकाल दिया जाता 
सफलता को छूने का मार्ग दिखा  
उसका  मनोबल बढ़ाया  जाता था  |
 जब कदम उसने कठोर धरा पर रखे   
  है आत्म निर्भरता का  महत्व क्या?
  अब हुआ एहसास हुई जब वह  आत्मनिर्भर 
 सफल जीवन जीने के राज का हल  निकला है |
हो जब आत्मनिर्भर कोई भी समस्या आए
घबराहट से कोसों दूर रह जीने की ललक जागे
आत्मबल जाग्रत हो गर्व से सर उन्नत हो
कठिनाई छूने का नाम न ले  
 कोसों दूर  भागे |
आशा
  

12 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज गुरुवार 13 अगस्त 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. यशोदा जी आभार सहित धन्यवाद मेरी रचना शामिल करने के लिए |

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  2. उत्तर
    1. सुप्रभात
      धन्यवाद ओंकार जी टिप्पणी के लिए |

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  3. धन्यवाद टिप्पणी के लिए स्मिता |

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  4. वाह ! आत्मनिर्भर व्यक्ति सदैव यशस्वी होता है ! सुन्दर रचना !

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    1. सुप्रभात
      धन्यवाद साधना टिप्पणी के लिये |

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  5. बहुत ही सुन्दर भावना प्रस्तुत की है प्रेरणास्त्रोतक

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  6. थैंक्स DWAN जी टिप्पणी के लिए |

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